दृढ़ करलो जन-मन अपना
श्रम के साथ सब जुट जाओ
सोचा जो सब कुछ पाओ
काम करो तुम कुछ ऐसा
हो भला पुरे देश का
पढ़ने से न तुम जी चुराना
बढ़ने का हैं ये तरीका पुराना
बड़े बुजुर्ग यही कहते हैं
श्रम से ही आगे बढ़ते है
आगे बढ़ने का मिल गया मन्त्र
बन जाना कुछ तुम
करेगी दुनिया नाज
No comments:
Post a Comment