पढ़ने से मिल गई अब तो छुटटी
हो गई भैया हमारी गर्मी की छुटटी
अब हम बस धूम मचाएंगे
नाना नानी के गांव जाएंगे
रोज हमें सुनने मिलेगी कहानी
साथ नए पकवान खिलाएंगी नानी
कितना मजा आएगा,न होगा काम
पेड़ो पर चढ़ मामा संग तोड़ंगे आम
गाय बैलों संग नदी में तैरेंगे
घर में बछड़ो संग हम उछलेंगे
कभी घूमने जंगल को जायंगे
पपीहे के संग-संग हम गाएंगे
मोर को देख-देख नाचेंगे हम
बन्दर के पीछे-पीछे भागेंगे हम
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